राजस्थान के विश्वविद्यालय ने जारी किए प्रमोट करने के आदेश
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के संबंध में सुझाव उपयुक्त विश्वविद्यालय से प्राप्त सुझाव एवं राज्य सरकार के स्तर पर विचार विमर्श उपरांत विश्वविद्यालयों की सत्र 2019 20 की बकाया परीक्षाओं के संबंध में राज्य सरकार के सुझाव निम्नानुसार :-
(1) विश्वविद्यालय यूजीसी द्वारा परीक्षाओं की कार्य योजना से संबंधित समिति का परामर्श है कि यदि विश्वविद्यालय मध्यवर्ती वर्षों या सेमेस्टर परीक्षा आयोजित कराने में असमर्थ है तो ऐसी स्थिति में वह परीक्षार्थियों को 50% अंक पूर्वर्ती बरसो या सेमेस्टर में प्राप्त अंकों के आधार पर तथा 50% अंक आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर (2) प्रथम वर्ष के छात्रों को 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं के औसत के आधार पर प्रमोट कर दिया जाए (3) द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष में अर्जित अंकों के आधार पर 5% अंक बोनस के देकर प्रमोट किया जाए (4) अंतिम वर्ष या टर्मिनल सेमेस्टर के परीक्षा में महाविद्यालय सभी वर्गों के विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए निर्धारित की गई व्यवस्था से अवगत करवाएं (5) स्नातक और के विद्यार्थियों को लघु शोध प्रबंध तथा असाइनमेंट देकर आवंटित किए जा सकते हैं (6) फिर भी अगर कोई विद्यार्थी उपयोग निर्धारित प्राप्त नहीं है तो उसे स्थिति सामान्य होने पर आगामी परीक्षा में सुधार दिया जा सकता है प्रमाण पत्र परीक्षा आयोजित करवाई जा सकती है (7) 1 वर्षीय डिप्लोमा या प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में जब भी अनुकूल समय हो परीक्षा आयोजित करवाई जा सकती है (8) उपयुक्त सुझाव नियमित स्वयं पार्टी तथा पूर्व छात्र वर्गों के विद्यार्थियों पर लागू होंगे यह सुझाव एकरूपता बनाए रखने के लिए हैं

(1) विश्वविद्यालय यूजीसी द्वारा परीक्षाओं की कार्य योजना से संबंधित समिति का परामर्श है कि यदि विश्वविद्यालय मध्यवर्ती वर्षों या सेमेस्टर परीक्षा आयोजित कराने में असमर्थ है तो ऐसी स्थिति में वह परीक्षार्थियों को 50% अंक पूर्वर्ती बरसो या सेमेस्टर में प्राप्त अंकों के आधार पर तथा 50% अंक आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर (2) प्रथम वर्ष के छात्रों को 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं के औसत के आधार पर प्रमोट कर दिया जाए (3) द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष में अर्जित अंकों के आधार पर 5% अंक बोनस के देकर प्रमोट किया जाए (4) अंतिम वर्ष या टर्मिनल सेमेस्टर के परीक्षा में महाविद्यालय सभी वर्गों के विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए निर्धारित की गई व्यवस्था से अवगत करवाएं (5) स्नातक और के विद्यार्थियों को लघु शोध प्रबंध तथा असाइनमेंट देकर आवंटित किए जा सकते हैं (6) फिर भी अगर कोई विद्यार्थी उपयोग निर्धारित प्राप्त नहीं है तो उसे स्थिति सामान्य होने पर आगामी परीक्षा में सुधार दिया जा सकता है प्रमाण पत्र परीक्षा आयोजित करवाई जा सकती है (7) 1 वर्षीय डिप्लोमा या प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में जब भी अनुकूल समय हो परीक्षा आयोजित करवाई जा सकती है (8) उपयुक्त सुझाव नियमित स्वयं पार्टी तथा पूर्व छात्र वर्गों के विद्यार्थियों पर लागू होंगे यह सुझाव एकरूपता बनाए रखने के लिए हैं 
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